Friday, 30 March 2012

खालिस बातें


आधी रोटी आसमान में चमक रही है
ऐसा उछ्लूं, लपक के छू लूँ
भींच कर मुट्ठी में, छुपा लूँ जेबों में

साथ में दो चार जुगनूं भी ले आऊं
एक नया तारामंडल बनाऊं, जेबों में


12 comments:

  1. जेबों में भर लोगे चंदा तो अपना फिर क्या होगा?
    तुम्हें पता है! बिना चाँद के सूरज भी मर जायेगा।

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    1. :) itna to socha nahi tha ...aisa hai to theek hai, hum jeebon mein pathar bhar lenge,,fursat mein phir unhi se kanche khelenge...padhna ka bahaut bahaut shukriya :)

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  2. Replies
    1. :) hamesha ki tarah, aapka bahaut bahaut shukriya.

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  3. बहुत ही सुंदर भावाव्यक्ति बधाई

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  4. :) jee bahaut bahaut shukriya

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