Monday, 2 April 2018

हमें खुद को टटोलते रहना चाहिए 
साल दो साल में 
देखने के लिए की क्या बदला 
कहीं हम ही तो नहीं बदल गए 

पुराने दोस्तों से मिलते रहना चाहिए 
देखने के लिए की क्या बदला 
कहीं हम ही तो नहीं बदल गए 

पुरानी स्क्रेपबुक्स पढ़ लेनी चाहिए 
पुरानी पिक्चर्स, और अगर मिल जाएँ तो पुरानी होमवर्क copies 

क्या हम बदल जाते हैं?
इसका जवाब हाँ भी है और ना भी 
कौन बदल देता हैं हमें, 
वक्त, अनुभव, मौके 

कभी कभी अपने पुराने गांव हो आना चाहिए 
देखने के लिए की क्या बदला 
कहीं हम ही तो नहीं बदल गए 


Maa

माँ के साथ कितनी ही चीज़ें ख़तम हो जाएँगी
गाँव वाली कहावतें 
छोले कैरी के अचार की रेसिपी 
क्रोएशिया के बनी हुई स्वेटर्स 
माँ, आप अपने साथ कितनी ही चीज़ें ले जाओगी 

जब माँ की याद आएगी तो क्या करोगे?
माँ की बनायीं स्वेटर पहन के बैठ जायेंगे 

क्या चीज़ होती  माँ, हम समझ ही नहीं पाते 
किस मिटटी की बनी होती है माँ 
जब तक खुद माँ नहीं बनते, शायद यह समझ आ ही नहीं सकता 

अब जब माँ है मेरे पास, कितनी आसानी से भूल जाती हूँ मैं 
की एक दिन माँ नहीं होगी 
जो आप को इस दुनिया में लायी, वो ही नहीं होंगी 

Let's go and tell our mothers how much we love them
How much we are grateful to them
She meant the world to us, let them know she is still our world
how much they deserved and how little they got
I love you, Maa.


Friday, 9 September 2016


Oh stages of life
how cruel u are!
i wish i cud be born old and age backwards
just like Banjamin Botton
how fantastic that wud be.
if i cud live this way, wud i still hv regrets at end of my life?
no, coz i wud be a kid and kids dont harbour regrets.
if i cud live this way, i wud be born with all the lessons and learnings of life
and gradually forget them all and wud just be myself, living in present.
how fantastic that wud be.

when did i stop learning? 
Long back
when did i stop observing
long back
when did i stop questioning, dreaming, experimenting, expressing
long back
where did i loose my childhood
in this life only while growing up to be an adult
why?
i dont know
but i dont like the sort of adult that i hv become!!
then go make urself again. SIMPLE. 
GO LEARN. SWIM. HIKE. TALK TO PEOPLE. GO TO GARDENS. RUN AFTER BUTTERFLIES. LEARN MUSIC. CLAP. DANCE, LAUGH. AND CRY. DEMAND. FORGET. FORGIVE. BE STUPID. DONT GET TRAPPED IN IMAGES. U ARE NOT A PICTURE. U ARE A MOVIE. GO CREATE UR MOVIE. LOVE. LIVE IN THE MOMENT. 

Friday, 12 September 2014

चाहत क्या होती है
किसी को चाहना क्या होता है?
किसी को पाने की मुराद क्या होती  है?

चाहत किस रंग की होती है?
किस तरंग की बनी होती है
किस ढंग से नसों में घुलती है
और दिलोदिमाग पे छा जाती है

चाहत क्या होती है?

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ये चाहत काले बदल है
बरस क्यों नही जाते
ये चाहत चाय में डूबा हुआ बिस्किट है 
गिर क्यों नहीं जाता :) 




Wednesday, 2 July 2014

talaash

क्या खेल है यह दिल का 
खेल ही तो है यह 
दिल बिकता है यहाँ 
बोली भी लगती है बकायदा 
बातों के पुल बनते ढहते हैं यहाँ 
दिल टूटता है यहाँ 
फिर भी किसी का गिरेबान पकड़ के 
कोई कुछ नहीं कह सकता यहाँ 
अजीब हालात है यहाँ 
फिर भी सबकी तलाश
ज़ारी है यहाँ 

Friday, 27 June 2014

तू अमीर और मैं गरीब क्यों

विचित्र देश है मेरा
सड़क पे दौड़ती चमचमाती गाड़ियां
और बगल में पसरी हुई गरीबी

उसकी आँखों में आँखें डाल कर  देखा है कभी
देखा है, जैसे पूछ रही हों तू अमीर क्यों और मैं गरीब क्युं
झिझक नहीं होती उनसे आँख मिलाने में
एक शर्मिंदगी का एहसास
यूँ देखना एक दूसरे को जैसे अलग अलग गृह के वासी हो
कोहतूलता दोनों तरफ है

भूख से कोई मर जाए
यह ख़याल कैसा है
काश जब मैं ज़्यादा खाऊं
एक गरीब आके मेरे हाथ रोक ले
क्या नहीं कर सकती मैं इनके लिए

हम सब कैसे व्यस्त हैं अपनी अपनी ज़रूरतों में
और फिर जब कोई गरीब दिख जाता है
तो ख़याल आता है कोई इतना अमीर तो कोई
इतना गरीब क्यों है
अगर ऐसा ही होता आया है इस दुनिया में
तो ऐसा होता क्यों है
पैसा किसी एक के पास रुकता क्यों है
किसी के पास रखने की जगह नहीं
तो किसी के पास कभी पर्याप्त आया ही नहीं
मैं जानती हूँ ऐसा है
पर ऐसा क्यों है?

काश मासी अपनी बिटिया को कह पाती
यह दुनिया उतनी ही हसीन है
जितना तेरी नन्ही आँखों को  दिख रही है