Monday, 29 October 2012

एकरंगी धुआं, लपेटे बहुरंगी ख्वाब

बादल सा उड़ता है ये धुंआ, मेरे कमरे में  
बादल में ख्याब के गुच्छे लगे हैं 
आंच की कमी है, अभी पके नहीं हैं 

हर कश के साथ, ख्वाब निकले
ख्वाबों से भर उठा है मेरा कमरा, 
ख़्वाबों की कमी कहाँ है?
सुना है, ज़िन्दगी हिम्मत की मोहताज़ है 

कश लगाता धुंआ, धुओं में मिलता धुंआ 
धुएँ के बादल छाए हैं दिमाक पर
उम्र भी धुँऐ सी उड़ रही है 
उन्ही धुओं में अपनी ज़गह बनता धुंआ 

एकरंगी धुआं, लपेटे बहुरंगी ख्वाब  

हम दोनों दौड़ रहे हैं, धुंआ हो जाने की दौड़ में 
दोनों को जल्दी है, खाक हो जाने की 
पर लगता है, मुझसे ज्यादा इसे थी
जैसे यह राख हुई है, मेरा भी यही अंत होगा 
मेरे जाने के बाद, थोड़ी न मेरा अस्तित्व होगा 
मैं यहाँ दिखती हूँ, क्यूंकि अभी जिंदा हूँ, 
सुनाई देती हूँ, क्यूंकि अभी जिंदा हूँ, 
मैं जो भी हूँ, सफल, असफल, इस दरमियान हूँ,
इस जलने और बुझने  के बीच 
मुझे एक गाने की पंक्तियाँ याद आ रही हैं 
"जीने वाले, सोच ले, यही वक्त है कर ले पूरी आरज़ू"





  

Saturday, 20 October 2012

ऊन उधेड़े, छंद बिखेरे

रात करे बात, हिसाब मांगे मिजाज़ 
धुन लपेटे, बुने-उधेड़े 
ऊन उधेड़े, छंद बिखेरे 

जिक्र आया, फ़िक्र आई 
बंद गला, इंग्लिश टाई 
ऊन उधेड़े, छंद बिखेरे 

अखबार श्रीमान , खबर बेईमान 
सच है बेकार, झूठ है असरदार 
क्या करे बेचारा, बेबसी का मारा 
ऊन  उधेड़े, छंद बिखेरे  

कुर्सी, मेज़, होते हैं पूरक 
सैयां रंगरेज़, जाने न मुरख 
आदत का मारा, दिल बेचारा 
ऊन  उधेड़े, छंद बिखेरे   

टोटकों में डूबा, चमत्कार ढूँढता 
चिलम, अफीम के नशे में, भगवान् ढूँढता 
मस्त फिर भी दिल मग्न 
ऊन  उधेड़े, छंद बिखेरे   



Friday, 12 October 2012

Myrrah (माय्र्रह )


रात आई, रात आई 
टिमटिमाते तारे साथ लाई 
एक तारा उन में सबसे बड़ा 
रिश्ते में लगता मामा सा 

रात आई, रात आई 
कभी सुहावने, 
तो कभी डरावने 
सपने साथ लाई 

रात आई, रात आई 
और, लगता है, बिटिया को मेरी, नींद आई 
दिन भर धमाचौकड़ी मचाने के बाद 
बिटिया ने अब आराम करने की है ठानी 
पर इससे पहले की बिटिया सोए 
मासी को सुनानी होगी- एक कहानी 

कहानी नहीं होनी चाहिए, बोरिंग और बासी 
नहीं तो गुडिया ये नहीं सोएगी, सुन लो मासी 

फिर ले के बैठे रहना उसे गोद में 
जो उसने ठान ली, भला इसी में है की तुमने बात मान ली 

सो मासी जल्दी से सुना दो 
भालू और गिलहरी की दोस्ती वाली कहानी 
और गोद में तुम्हारी आराम से सो जायेगी 
यह नटखट शैतान, खुशियों की पुडिया, सयानी