Monday, 26 May 2014

सुपरफास्ट ट्रैन

मेरी ज़िन्दगी एक सुपरफास्ट ट्रैन में जा बैठी है
मैं स्टेशन पे पास रहती हूँ
तो रोज़ उसे देखती हूँ
ट्रैन हाथ हिला हिला के  मुझे बुलाती है
अब तक मैं सिर्फ देखती हूँ

पर ये फासला तय करने में वक्त नहीं लगता
बस आँख बंद करनी है
और निकल जाना है 

एक बार उस ट्रैन में चढ़ गयी
तो खुदबखुद सब खुलता जाएगा
यह परतें जो ओढ़ रखी हैं
बंद मुट्ठी, बातें, सोच
ज़िन्दगी सब संभाल लेगी

मेरी ज़िन्दगी एक सुपरफास्ट ट्रैन में जा बैठी है !!


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